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जीवन में औरों से हटकर कुछ नया करने की इच्छा क़िसमें नहीं होती? सभी अपने-अपने दायरे से बाहर निकलकर दुनिया को जीतने का हौसला रखते हैं। कई बार ऐसा भी होता है कि आप किसी से मिलकर इतने प्रभावित हो जाते हैं कि दुबारा मिलकर उनके बारे में और जानने की इच्छा प्रबल हो जाती है। उड़ीसा में जन्मे श्री…

मेरे विचार से समस्त विश्व में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं होता जो अपने जीवन में सफल नहीं होना चाहता। सब सुखी जीवन की ही कामना करते है। हम ही नहीं हमारे शुभेच्छु अर्थात हमारे माता-पिता, शिक्षक, भाई, बंधु, सखा सभी हमें सुखी रहने का आशीर्वाद व शुभकामनाएँ देते हैं किंतु सुख व समृद्धि का माप दंड क्या है? क्या सबके…

देखो, फिर आया वसंत सरसों फूले दिग दिगन्त धानी चादर, पीली बहार अम्बर गूँजे, चली बयार, देखो फिर आया वसंत...बढ़ गई धरती की शोभा अनंत....। भारतवर्ष को षट्ऋतुओं का उपहार प्रकृति ने दिल खोलकर दिया है। वसंत ऋतु का नाम ही प्रकृति में आनेवाले सुखद बदलाव का प्रतीक है। सूखी टहनियों में निकलते नए हरे-हरे कोंपल। खेतों में लहलहाते सरसों…

जिसकी नज़्मों में अहसास इतनी नज़ाकत के साथ सिमट जाता हो कि जैसे चॉंदनी में छिपी आफताब की किरणें। जिसने ज़िंदगी के हर लम्हे को अपनी कायनात में सितारे सा पिरो लिया हो ताकि जब उसका ज़िक्र आए तो वो नज़्म बनकर उतर आए। जिसका बचपन मिट्टी की सौंधी ख़ुशबू से लबरेज हो और दिमाग़ के कोने में अपनी ख़ासी…

नव वर्ष का स्वागत है। जो बीत गया, उस समय का धन्यवाद। बहुत कुछ घटित हुआ और बहुत कुछ मिला। वहीं से आगे बढ़ते हुए नए आनेवाले समय के प्रति नई आशाओं के साथ आइए, अब हम साथ-साथ बढ़ें। हमारे प्रोजेक्ट फ्युएल के १ मिलियन सदस्यों के अभियान में आप सभी का स्वागत है। प्रोजेक्ट फ्युएल का अभिप्राय ही है…

बचपन से ही हमें बड़े-बड़े लक्ष्य भेदने की प्रेरणा दी जाती है और यह नहीं समझाया जाता कि ज़िंदगी तो छोटी-छोटी उपलब्धियों से बनती है। छोटे-छोटे लक्ष्य,छोटी-छोटी उपलब्धियाँ बच्चे को जीवनपथ का अारोही बना देती हैं। > आपके पास बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपए ना भी हों पर यदि इस ब्लॉग को पढ़ पा रहे हैं तो आप धनी और…

"लो अतीत से उतना ही जितना पोषक है जीर्ण-शीर्ण का मोह मृत्यु का ही द्योतक है तोड़ो बन्धन, रुके न चिन्तन गति, जीवन का सत्य चिरन्तन धारा के शाश्वत प्रवाह में इतने गतिमय बनो कि जितना परिवर्तन है।" साभार श्री द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी भारत की राष्ट्रीय भाषा हिंदी बहुत प्रयासों के बाद अपने शुद्ध रूप में आयी। आचार्य राम चंद्र…

"It is not enough simply to pray.There are solutions to many of the problems we face. New mechanisms for dialogue need to be created, along with systems of education to inculcate moral values.These must be grounded in the perspective that we all belong to one human family and that together we can take action to address global challenges." This is…

चारों तरफ़ बच्चों की किलकारियाँ,आवाज़ें गूँज रही हैं। कुछ बच्चे आपस में किसी बात पर खिल-खिलाकर हँस रहे हैं, कुछ सहमे से एक बेंच पर बैठे चारों तरफ़ खाली-खाली निगाहों से देख रहे हैं। हमारे चाइल्ड हेल्प केअर सेंटर में बहुत सी जगह मेक्शिफ़्ट टेंट्स के ज़रिए सिर्फ़ बच्चों के खेलने और अन्य कार्यों के लिए बना दी गयी है।…

टर्की के तटपर आएलान कुर्दी की तस्वीर देखकर संसार सन्नाटे में घिर गया- फ़ोटोग्राफर निलोफर डोमर ने कहा "Scream of migrant boy's silent body". आएलान कुर्दी पूरे विश्व को जगा गया। २ सितम्बर २०१५ की रात यह तीन साल का बालक अपने माता-पिता और भाई के साथ टर्की के बोदराम स्थान से नाव द्वारा ग्रीस की तरफ़ चला। नाव प्लास्टिक…

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