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Category Archives छलकन

लिओ तोलस्टोय और ऐंटॉन चेकोव को पढ़ने के लिए लोग रूसी भाषा सीखते हैं ताकि उनकी रचनाएँ पूरी तरह समझ सकें। उसी तरह ऋषि व्यास महर्षि और कालिदास को समझने के लिए जर्मन... जी हाँ, जर्मन संस्कृत पढ़ते हैं। ज़्यादा दूर नहीं सिर्फ़ पुदुच्चेरी घूम आइए विदेशी original संस्कृत के ग्रंथ हाथ में लिए मुस्कुराते हुए मिल जाएँगे। माहौल में…

नव वर्ष का स्वागत है। जो बीत गया, उस समय का धन्यवाद। बहुत कुछ घटित हुआ और बहुत कुछ मिला। वहीं से आगे बढ़ते हुए नए आनेवाले समय के प्रति नई आशाओं के साथ आइए, अब हम साथ-साथ बढ़ें। हमारे प्रोजेक्ट फ्युएल के १ मिलियन सदस्यों के अभियान में आप सभी का स्वागत है। प्रोजेक्ट फ्युएल का अभिप्राय ही है…

"लो अतीत से उतना ही जितना पोषक है जीर्ण-शीर्ण का मोह मृत्यु का ही द्योतक है तोड़ो बन्धन, रुके न चिन्तन गति, जीवन का सत्य चिरन्तन धारा के शाश्वत प्रवाह में इतने गतिमय बनो कि जितना परिवर्तन है।" साभार श्री द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी भारत की राष्ट्रीय भाषा हिंदी बहुत प्रयासों के बाद अपने शुद्ध रूप में आयी। आचार्य राम चंद्र…

"It is not enough simply to pray.There are solutions to many of the problems we face. New mechanisms for dialogue need to be created, along with systems of education to inculcate moral values.These must be grounded in the perspective that we all belong to one human family and that together we can take action to address global challenges." This is…

टर्की के तटपर आएलान कुर्दी की तस्वीर देखकर संसार सन्नाटे में घिर गया- फ़ोटोग्राफर निलोफर डोमर ने कहा "Scream of migrant boy's silent body". आएलान कुर्दी पूरे विश्व को जगा गया। २ सितम्बर २०१५ की रात यह तीन साल का बालक अपने माता-पिता और भाई के साथ टर्की के बोदराम स्थान से नाव द्वारा ग्रीस की तरफ़ चला। नाव प्लास्टिक…

अस्सी के दशक में क़दम रखती डा. पद्मा मिश्रा उत्तराखण्ड से हैं। राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित विद्यालय प्रवक्ता होने के साथ-साथ इन्होने माउन्टेनियरिंग और फ़ोटोग्राफ़ी में भी महारथ हासिल की। आपने पैदल कैलाश-मानसरोवर की यात्रा की और दिव्य अनुभूतियों से सराबोर रहीं। देश-विदेश की अनेकों यात्राओं से बहुत से अनुभव सँजोए। इनके जीवन का लाइफ़ लेसन है- प्रेम ही सर्वोपरि…

ये ज़िंदगी की सीख के कुछ चुने फूल हम उन उच्च पदस्थ सेना के अधिकारियों से बात करके लाए हैं। जिन्होंने जीवन की शुरुआत आप और हमारे जैसे बचपन से की पर उनके नेतृत्व के गुण उन्हें सैन्य सेनाओं में उस मुक़ाम तक ले गए जहाँ ४०,००० से अधिक सिपाही और मैन पॉवर उनके नीचे काम करते रहे। उनकी पूरी…

सन १९६४, ऋषिकेश से बस चली जोशीमठ के लिए, वहाँ से डिमर गाँव पास पड़ता था। एक १३-१४ वर्षीय बालक चढ़ा क्यूँकि स्कूल में अचानक चार दिन की छुट्टी हो गयी थी। घर से कोई लेने आने का सवाल ही नहीं था। उसे गॉंव पहुँचने का रास्ता मालूम था। रास्ते में १२-१ बजे के बीच बस ड्राइवर ने एक ढाबे…

"While every refugee's story is different and their anguish personal, they all share a common thread of uncommon courage-the courage not only to survive but to persevere and rebuild their shattered lives." -Antonio Guterres, UN High Commissioner for Refugees विस्थापन (displacement) ऐसी परिस्थिति है जो जाने-अनजाने बहुत से लोग अपने जीवन काल में झेलते हैं। कभी प्रकृति-जन्य कारणों से, कभी…

पूरे अखरोट की साबुत गिरी हाथ में लिए मैं उसकी बनावट और नसों की तुलना मानव मस्तिष्क से कर रही थी कि वाट्सएप पर बहुत ही सुंदर तस्वीरों का पावर पॉइंट मैसेज आया जिसमें संकेत था कि मनुष्य अहंकार में अपने को सबसे ऊँचा दिखाने का प्रयास करता है और ब्रह्माण्ड के संदर्भ में उसका अस्तित्व कितना है? कुछ वर्ष…

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