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Posts By Aditi Khare

बादल पे पांव हैं

यह लाइन "बादल पे पांव हैं" सुनते ही लगता है, जैसे किसी ने आज़ादी की ऊचाइयां छू ली हों| ज़रा सोचिए, अगर ये आज़ादी किसी लड़की या महिला ने चखी हो ? हाँ, एक लड़की जिसे हम हमेशा सुरक्षा देना चाहते हैं, उसे हर खतरे व मुसीबत से दूर रखना चाहते हैं । इन सब बातों के बीच हम उन्हें…

टेक्नोलॉजी , हिंदी ब्लॉग

क्या आपने कभी सोचा है कि पहले कैसे हम दिल्ली जैसे शहरों में भी आसानी से रास्ते याद रख लेते थे? लेकिन आज के समय में बिना गूगल मैप के छोटे रास्ते भी याद नहीं रहते। माना गूगल मैप लम्बी दूरी तय करने में, या फिर अनजानी जगह पहुंचाने में काफी मददगार  है।  लेकिन इसकी वजह से हमने अपने दिमाग…

बचपन में गर्मियों की छुट्टियां आना और नई - नई कहानियॉं सुनना इन सब का अपना ही मज़ा था। मैं हर साल गर्मियों की छुट्टियों में अपनी बुआ के घर बड़ोदा जाती थी। पापा अक्सर मुझे छुट्टियों के समय बुआ के पास छोड़ आया करते थे। मैं और मेरी बुआ की बेटी (निक्की) हम-उम्र थे और अच्छे दोस्त भी। मैं…

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